|| गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु || महाकुंभ स्नान!!
|| गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु ||
महाकुंभ मेले का जीवंत उत्सव और माँ गंगा एवं दिव्य नदियों का पवित्र जल आपके जीवन को खुशियों और आध्यात्मिक विकास के रंगों से भर दे। महाकुंभ मेले के दिव्य अवसर पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ। यह तीर्थयात्रा आपको ईश्वर के और करीब ले जाए।
कुंभ योग (जो विशिष्ट खगोलीय घटनाओं के आधार पर होता है) को प्राचीन आर्यों ने मोक्ष प्राप्ति का सर्वोच्च मार्ग माना है।महाकुंभ में सिद्धि और साधना दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, महाकुंभ साधकों के लिए सिद्धि प्राप्त करने का विशेष अवसर है। ऐसा माना जाता है कि इस समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति साधना और तपस्या के लिए अत्यंत अनुकूल होती है, महाकुंभ में विभिन्न पंथों और परंपराओं के साधु-संत एकत्र होते हैं, जैसे नागा साधु, अवधूत, उर्ध्वरेता साधक, और तपस्वी। उनकी साधना के विभिन्न रूप और उनकी कठोर तपस्या आम लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।





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